Boko Haram के बढ़ते खतरे के बीच बढ़ी हलचल
नाइजीरिया में आतंकवाद और हथियारबंद गिरोहों से लड़ाई तेज होती जा रही है। इसी बीच अमेरिका ने करीब 100 सैनिक और सैन्य उपकरण वहां भेजे हैं। नाइजीरियाई सेना ने बताया कि ये अमेरिकी सैनिक लड़ाई नहीं करेंगे, बल्कि वहां की सेना को ट्रेनिंग देंगे, तकनीकी मदद देंगे और खुफिया जानकारी साझा करेंगे।
क्यों भेजे गए अमेरिकी सैनिक?
नाइजीरिया की सरकार ने खुद अमेरिका से मदद मांगी थी। देश में कई आतंकवादी और हथियारबंद गिरोह सक्रिय हैं। इनमें बोको हराम, आईएस से जुड़े संगठन और अपहरण करने वाले गिरोह शामिल हैं। इन हमलों में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है।
नाइजीरिया में क्या करेंगे अमेरिकी सैनिक?
नाइजीरिया के डिफेंस हेडक्वार्टर के स्पोक्सपर्सन मेजर जनरल समैला उबा के अनुसार, अमेरिकी सैनिक सीधे युद्ध में हिस्सा नहीं लेंगे, केवल ट्रेनिंग, सलाह और जानकारी देंगे। इस दौरान पूरे ऑपरेशन की कमान नाइजीरिया के पास ही रहेगी।
अमेरिका-नाइजीरिया तनाव
कुछ समय पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया था कि नाइजीरिया में ईसाइयों की सुरक्षा नहीं हो रही। लेकिन नाइजीरिया सरकार ने इस आरोप को गलत बताया और कहा कि आतंकवादी धर्म देखकर नहीं, बल्कि इलाके के हिसाब से हमला करते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, हमलों के ज्यादातर शिकार नाइजीरिया के मुस्लिम बहुल उत्तरी इलाकों के लोग हैं।
नाइजीरिया में हालात क्यों बिगड़े?
दरअसल, नाइजीरिया में स्थानीय आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं और पड़ोसी देशों से भी आतंकी घुसपैठ बढ़ी है। इसके साथ अपहरण और अवैध खनन करने वाले गिरोह भी हिंसा फैला रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार अभी तक आम लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा पाई है। दिसंबर में, अमेरिकी सेना ने उत्तर-पश्चिमी नाइजीरिया में इस्लामिक स्टेट ग्रुप से जुड़े आतंकवादियों पर एयरस्ट्राइक की थी।