नई दिल्ली। राजधानी में तेज कनेक्टिविटी का अहम लिंक माने जाने वाला बारापुला फेज-3 11 साल में भी पूरा नहीं हो सका है। इसके उलट  दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का शिलान्यास 2021 में हुआ और 2026 में उद्घाटन के लिए तैयार भी  हो गया। दिल्ली-मेरठ नमोभारत कॉरिडोर भी 2019 में शुरू हुआ और 82 किलोमीटर का ट्रैक पिछले माह चालू भी हो गया। 2015 में शुरू हुआ बारापुला फेज-3 अब तक अधूरा है। इसकी लागत 964 करोड़ रुपये से बढ़कर 1635.03 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। मयूर विहार फेज-एक से सराय काले खां तक बनने वाले करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर की शुरुआत वर्ष 2015 में कर दी गई थी, लेकिन सबसे बड़ी चूक यह रही कि पूरी जमीन उपलब्ध हुए बिना ही निर्माण शुरू कर दिया गया। इसके चलते काम बार-बार रुका, निर्माण कार्यक्रम बदलता रहा और ठेकेदार कंपनी लार्सन एंड टुब्रो के साथ भुगतान विवाद गहराते गए। बारापुला कॉरिडोर पूर्वी दिल्ली और गाजियाबाद को दक्षिणी दिल्ली और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से जोड़ने वाला अहम मार्ग है। फेज-3 अधूरा रहने से पहले से तैयार फेज-1 और फेज-2 का पूरा लाभ भी लोगों को नहीं मिल पा रहा।